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रविवार, अगस्त 28, 2011

नैमिषारण्य के प्रमुख दर्शनीय स्थल







- डॉ. शरद सिंह























































































अयोध्या मंदिर

बद्रीनाथ मंदिर
























































































जगन्नाथ मंदिर

केदारनाथ मंदिर































हनुमान गढ़ी मंदिर

23 टिप्‍पणियां:

  1. ब़ड़ा पुण्य का काम किया है आपने.

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  2. मनोज कुमार जी,
    आभारी हूं आपकी स्नेहिल टिप्पणी हेतु...

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  3. वाह आपने तो घर बैठे दर्शन करा दिये और साथ ही भ्रमण भी…………आभार्।

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  4. वन्दना जी,
    मेरे लेख को पसन्द करने और बहुमूल्य टिप्पणी देने के लिए हार्दिक धन्यवाद!

    उत्तर देंहटाएं
  5. लोक मान्यतानुसार चौरासी लाख योनियों से मुक्त होने के लिए चौरासी भ्रमण करने काफी तीर्थ यात्री आते हैं. अच्छी जानकारी --- आभार

    उत्तर देंहटाएं
  6. ललित शर्मा जी,
    मेरे लेख को पसन्द करने और अपने विचारों से अवगत कराने के लिए हार्दिक आभार!

    उत्तर देंहटाएं
  7. संगीता पुरी जी,
    जानकर प्रसन्नता हुई कि आपको मेरा लेख पसन्द आया....
    हार्दिक धन्यवाद!

    उत्तर देंहटाएं
  8. चंद्रमौलेश्वर प्रसाद जी,
    मेरे लेख को पसन्द करने और अपनी बहुमूल्य टिप्पणी देने के लिए हार्दिक धन्यवाद!

    उत्तर देंहटाएं
  9. शरद सिंह जी मेरा सादर नमस्ते स्वीकार कीजिये! मैं समय न मिलने और कुछ व्यक्तिगत कारणों से बहुत देर से पहुँच पाया ....माफी चाहता हूँ.
    बहुत सुन्दर चित्र मय प्रस्तुति !!!!
    लेकिन एक बात याद रखिये ये तीर्थ स्थल हमें एक दुसरे से जोड़ने के लिए ही बनाये गए हैं देवी देवताओं की पूजा तो एक बहाना है एक दुसरे के नजदीक आने का !!

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  11. मदन शर्मा जी,
    सहमत हूँ मै भी आपसे कि....
    तीर्थ स्थल हमें एक दूसरे से जोड़ने के लिए ही बनाये गए हैं देवी देवताओं की पूजा तो एक बहाना है एक दूसरे के नजदीक आने का....

    मेरे लेख को पसन्द करने और बहुमूल्य टिप्पणी देने के लिए हार्दिक धन्यवाद!

    उत्तर देंहटाएं
  12. Ojaswi Kaushal ji,
    It's pleasure to me .
    I am glad that you feel that way.Thanks a lot.

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  13. सुन्दर और सूचना पूर्ण प्रस्तुति ,
    चक्र-तीर्थ में मैं भी स्नान कर चुकी हूँ '-पाप धुल जाते हैं' यह सोच कर अच्छा लग रहा है !हाँ, चौरासी कोस परिक्रमा नहीं दे पाई .
    आभारी हूँ !

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  14. प्रतिभा सक्सेना जी,
    मेरे लेख को पसन्द करने और अपनी बहुमूल्य टिप्पणी देने के लिए हार्दिक धन्यवाद!

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  15. आपको हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं आज हमारी "मातृ भाषा" का दिन है तो आज हम संकल्प करें की हम हमेशा इसकी मान रखेंगें...
    आप भी मेरे ब्लाग पर आये और मुझे अपने ब्लागर साथी बनने का मौका दे मुझे ज्वाइन करके या फालो करके आप निचे लिंक में क्लिक करके मेरे ब्लाग्स में पहुच जायेंगे जरुर आये और मेरे रचना पर अपने स्नेह जरुर दर्शाए..
    MADHUR VAANI कृपया यहाँ चटका लगाये
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  16. नीलकमल जी,
    आपको भी हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं.....
    मेरे लेख को पसन्द करने और बहुमूल्य टिप्पणी देने के लिए हार्दिक धन्यवाद!

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  17. दिली इच्छा जगा दी है आपने नैमिषरण्य जाने की। देखिए कब पूरी होती अपनी इच्छा और पाप धूलते हैं..

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  18. boletobindas जी,
    मेरे लेख को पसन्द करने और अपने विचारों से अवगत कराने के लिए हार्दिक आभार!

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  19. नैमिषारण्य के तीर्थों की अच्छी खासी जानकारी एक जगह सुलभ करा दी आपने. आभार.

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  20. नैमिषारण्य स्थित अध्यात्मविद्यापीठ के बारे में भी जानकारी दे सकें तो आभारी रहूँगा। यह आश्रम स्वामी नारदानंद सरस्वती द्वारा स्थापित है।

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